श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 38: राजा सगर के पुत्रों की उत्पत्ति तथा यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.38.3 
वैदर्भदुहिता राम केशिनी नाम नामत:।
ज्येष्ठा सगरपत्नी सा धर्मिष्ठा सत्यवादिनी॥ ३॥
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! विदर्भ की राजकुमारी केशिनी राजा सगर की ज्येष्ठ पत्नी थीं। वह अत्यन्त धार्मिक और सत्यवादी थीं।'
 
'Sriram! Vidarbha princess Keshini was the eldest wife of King Sagar. She was a very religious person and a truth-teller. 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd