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ramayan 1.37.7: ‘यह उमा की बड़ी बहन आकाशगंगा है, जिसके गर्भ में अग्निदेव शंकरजी का तेज स्थापित करके एक पुत्र को जन्म देंगे, जो देवताओं के शत्रुओं का दमन करने वाला योग्य सेनापति होगा।॥7॥   |   ramayan सर्ग 1.37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.37.7 
इयमाकाशगंगा च यस्यां पुत्रं हुताशन:।
जनयिष्यति देवानां सेनापतिमरिंदमम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
‘यह उमा की बड़ी बहन आकाशगंगा है, जिसके गर्भ में अग्निदेव शंकरजी का तेज स्थापित करके एक पुत्र को जन्म देंगे, जो देवताओं के शत्रुओं का दमन करने वाला योग्य सेनापति होगा।॥7॥
 
‘This is Uma's elder sister Akashganga, in whose womb Agnidev will place the radiance of Shankarji and give birth to a son who will be a capable commander to suppress the enemies of the gods.॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)