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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  1.36.20-21h 
अथ शैलसुता राम त्रिदशानिदमब्रवीत्॥ २०॥
समन्युरशपत् सर्वान् क्रोधसंरक्तलोचना।
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! इसके बाद गिरिराजनन्दिनी उमा के नेत्र क्रोध से लाल हो गए। उन्होंने क्रोधपूर्वक समस्त देवताओं को शाप दिया। वे बोलीं-॥20 1/2॥
 
'Shri Ram! After this, the eyes of Girirajnandini Uma became red with anger. She cursed all the gods with anger. She said -॥ 20 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)