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ramayan 1.36.12: देवताओं की यह बात सुनकर भगवान शिव ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली; फिर वे उनसे इस प्रकार बोले-॥12॥   |   ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.36.12 
देवतानां वच: श्रुत्वा सर्वलोकमहेश्वर:।
बाढमित्यब्रवीत् सर्वान् पुनश्चेदमुवाच ह॥ १२॥
 
 
अनुवाद
देवताओं की यह बात सुनकर भगवान शिव ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली; फिर वे उनसे इस प्रकार बोले-॥12॥
 
Hearing this from the gods, Lord Shiva accepted their request saying, 'Very good'; then he spoke to them thus -॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)