Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.36.11: तीनों लोकों के कल्याण की इच्छा से अपने तेज (वीर्य) को शक्ति रूप में अपने अन्दर धारण करो। इन समस्त लोकों की रक्षा करो। लोकों का विनाश मत करो। 11॥ | ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तीनों लोकों के कल्याण की इच्छा से अपने तेज (वीर्य) को शक्ति रूप में अपने अन्दर धारण करो। इन समस्त लोकों की रक्षा करो। लोकों का विनाश मत करो। 11॥
‘With the desire for the welfare of the three worlds, keep your energy (semen) in yourself in the form of energy. Protect all these worlds. Do not destroy the worlds. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥