श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 35: विश्वामित्र आदि का गंगाजी के तट पर रात्रिवास करना, गंगाजी की उत्पत्ति की कथा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.35.22 
एते ते शैलराजस्य सुते लोकनमस्कृते।
गंगा च सरितां श्रेष्ठा उमादेवी च राघव॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'रघुनंदन! इस प्रकार नदियों में श्रेष्ठ गंगा और भगवती उमा दोनों ही गिरिराज हिमालय की पुत्रियाँ हैं। सारा जगत उनके चरणों में अपना मस्तक झुकाता है। 22॥
 
'Ragunandan! Thus, Ganga and Bhagwati Uma, the best among rivers, both are daughters of Giriraj Himalaya. The whole world bows its head at his feet. 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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