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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 35: विश्वामित्र आदि का गंगाजी के तट पर रात्रिवास करना, गंगाजी की उत्पत्ति की कथा
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श्लोक 13
श्लोक
1.35.13
चोदितो रामवाक्येन विश्वामित्रो महामुनि:।
वृद्धिं जन्म च गंगाया वक्तुमेवोपचक्रमे॥ १३॥
अनुवाद
श्री राम के इस प्रश्न से प्रेरित होकर महर्षि विश्वामित्र ने गंगा की उत्पत्ति और वृद्धि की कथा सुनानी आरम्भ की॥13॥
Inspired by this question of Shri Ram, the great sage Visvamitra began to narrate the story of the origin and growth of the Ganges.॥ 13॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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