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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 34: गाधि की उत्पत्ति, कौशिकी की प्रशंसा
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श्लोक 3
श्लोक
1.34.3
पुत्रस्ते सदृश: पुत्र भविष्यति सुधार्मिक:।
गाधिं प्राप्स्यसि तेन त्वं कीर्तिं लोके च शाश्वतीम्॥ ३॥
अनुवाद
‘बेटा! तुम्हें अपने समान ही धर्मात्मा पुत्र प्राप्त होगा। तुम्हें ‘गाधि’ नाम का पुत्र मिलेगा और उसके द्वारा तुम्हें संसार में चिर यश प्राप्त होगा।’॥3॥
‘Son! You will get a son who is as pious as you. You will get a son named ‘Gadhi’ and through him you will get eternal fame in the world.’॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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