श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.32.9 
सुमागधी नदी रम्या मागधान् विश्रुताऽऽययौ।
पञ्चानां शैलमुख्यानां मध्ये मालेव शोभते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यह सुन्दर नदी (सोन) दक्षिण-पश्चिम से बहकर मगध देश में प्रवेश करती है, इसलिए यहाँ 'सुमाग्धी' नाम से प्रसिद्ध है। इन पाँचों महान पर्वतों के बीच में यह माला के समान शोभा पा रही है॥9॥
 
This beautiful river (Son) flows from the south-west and enters Magadh country, hence it is famous here by the name 'Sumagdhi'. It is looking beautiful like a garland in the midst of these five great mountains.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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