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श्लोक  1.32.6 
कुशाम्बस्तु महातेजा: कौशाम्बीमकरोत् पुरीम्।
कुशनाभस्तु धर्मात्मा पुरं चक्रे महोदयम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
शक्तिशाली कुशाम्बा ने कौशांबी शहर (जिसे अब कोसम के नाम से जाना जाता है) की स्थापना की। पुण्यात्मा कुशनाभ ने महादय नामक नगर बसाया।
 
The mighty Kushaamba founded the city of Kaushambi (now known as Kosam). The virtuous Kushanabha built a city called Mahaday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)