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श्लोक 1.32.25  |
स च ता दयिता भग्ना: कन्या: परमशोभना:।
दृष्ट्वा दीनास्तदा राजा सम्भ्रान्त इदमब्रवीत्॥ २५॥ |
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| अनुवाद |
| अपनी परम सुन्दरी एवं प्रिय पुत्रियों को कुबड़ी होने के कारण अत्यन्त दयनीय अवस्था में देखकर राजा कुशनाभ भयभीत हो गए और इस प्रकार बोले-॥25॥ |
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| Seeing his most beautiful and beloved daughters in a very pitiable condition due to hunchback, king Kushanaabh became frightened and spoke thus -॥ 25॥ |
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