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मा भूत् स कालो दुर्मेध: पितरं सत्यवादिनम्।
अवमन्य स्वधर्मेण स्वयंवरमुपास्महे॥ २१॥
अनुवाद
'यह पाप है! ऐसा समय कभी न आए कि हम अपने सत्यनिष्ठ पिता की उपेक्षा करके कामवश अथवा अत्यन्त अधर्मपूर्वक स्वयं ही वर ढूँढ़ने लगें॥ 21॥
'It is a sin! May that time never come when we ignore our truthful father and start looking for a groom ourselves due to lust or in a very unrighteous manner.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥