श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.32.2 
स महात्मा कुलीनायां युक्तायां सुमहाबलान्।
वैदर्भ्यां जनयामास चतुर: सदृशान् सुतान्॥ २॥
 
 
अनुवाद
उनकी पत्नी विदर्भ देश की राजकुमारी थीं, जो एक कुलीन परिवार में उत्पन्न हुई थीं। उनके गर्भ से महाराज ने अपने ही समान चार पुत्र उत्पन्न किए॥2॥
 
His wife was the princess of Vidarbha, born in a noble family. From her womb the great king produced four sons who were just like him.॥2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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