श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम, लक्ष्मण तथा ऋषियों सहित विश्वामित्र का मिथिला को प्रस्थान तथा मार्ग में संध्या के समय शोणभद्र तट पर विश्राम  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  1.31.23-24h 
भगवन् को न्वयं देश: समृद्धवनशोभित:॥ २३॥
श्रोतुमिच्छामि भद्रं ते वक्तुमर्हसि तत्त्वत:।
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! यह हरे-भरे और समृद्ध वनों से सुशोभित देश कौन-सा है? मैं इसका वर्णन सुनना चाहता हूँ। आपकी कृपा हो। कृपया मुझे इसका यथार्थ रहस्य बताइए।॥23 1/2॥
 
O Lord! Which is this country adorned with lush green and prosperous forests? I want to hear its description. May you be blessed. Please tell me its exact secret.'॥ 23 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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