Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.30.18: मानव के उस उत्तम अस्त्र से अत्यन्त आघात पाकर मारीच पूरे सौ योजन दूर समुद्र में गिर पड़ा।   |   ramayan सर्ग 1.30: श्रीराम द्वारा विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा तथा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 30: श्रीराम द्वारा विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा तथा राक्षसों का संहार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.30.18 
स तेन परमास्त्रेण मानवेन समाहत:।
सम्पूर्णं योजनशतं क्षिप्त: सागरसम्प्लवे॥ १८॥
 
 
अनुवाद
मानव के उस उत्तम अस्त्र से अत्यन्त आघात पाकर मारीच पूरे सौ योजन दूर समुद्र में गिर पड़ा।
 
Having been struck hard by that excellent weapon of Manava, Maricha fell into the waters of the ocean at a distance of a full hundred yojanas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)