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श्लोक 1.3.5  |
स्त्रीतृतीयेन च तथा यत् प्राप्तं चरता वने।
सत्यसंधेन रामेण तत् सर्वं चान्ववैक्षत॥ ५॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान् राम ने अपने वचनानुसार लक्ष्मण और सीता के साथ वन में विचरण करते समय जो-जो कर्म किए थे, वे सब उनके सामने प्रकट हो गए॥5॥ |
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| All the deeds that Lord Rama, true to his word, had performed while roaming in the forest with Lakshmana and Sita appeared before his sight. ॥ 5॥ |
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