श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 3: वाल्मीकि मुनि द्वारा रामायण काव्य में निबद्ध विषयों का संक्षेप से उल्लेख  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.3.10 
जन्म रामस्य सुमहद्वीर्यं सर्वानुकूलताम्।
लोकस्य प्रियतां क्षान्तिं सौम्यतां सत्यशीलताम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
महर्षि ने इस महाकाव्य में श्री राम के जन्म, उनके महान पराक्रम, उनकी सौम्यता, लोकप्रियता, क्षमाशीलता, सौम्यता और सत्यवादिता का वर्णन किया है।
 
Maharishi described the birth of Shri Ram, his great bravery, his agreeableness, popularity, forgiveness, gentleness and truthfulness in this epic.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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