स त्वं सुरहितार्थाय मायायोगमुपाश्रित:।
वामनत्वं गतो विष्णो कुरु कल्याणमुत्तमम्॥ ९॥
अनुवाद
"अतः हे विष्णु! देवताओं के कल्याण के लिए आप अपनी योगमाया का आश्रय लेकर वामन रूप धारण करके उस यज्ञ में जाइए और हमारा उत्तम कल्याण कीजिए।" ॥9॥
"Therefore, Vishnu! For the welfare of the gods, take recourse to your Yogamaya, assume the form of Vaman and go to that sacrifice and ensure our best welfare." ॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥