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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.29.6 
यज्ञं चकार सुमहानसुरेन्द्रो महाबल:।
बलेस्तु यजमानस्य देवा: साग्निपुरोगमा:।
समागम्य स्वयं चैव विष्णुमूचुरिहाश्रमे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'उस महाबली दैत्यराज ने यज्ञ का आयोजन किया। उधर बलि यज्ञ में व्यस्त था, उधर अग्नि आदि देवता इस आश्रम में आकर भगवान विष्णु से बोले -
 
‘That mighty demon king organized a yagya. On the other side, Bali was engaged in the Yagya, on the other hand, the gods like Agni themselves came to this ashram and said to Lord Vishnu -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)