Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.29.4-5: 'यह सिद्धाश्रम के नाम से प्रसिद्ध था; क्योंकि यहाँ महातपस्वी विष्णु ने सिद्धि प्राप्त की थी। जिस समय वे तपस्या कर रहे थे, उसी समय विरोचनकुमार राजा बलि ने मरुद्गणों सहित इन्द्र आदि समस्त देवताओं को परास्त करके उनका राज्य अपने अधीन कर लिया था। वह तीनों लोकों में विख्यात हो गया था। 4-5॥ | ramayan सर्ग 1.29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह सिद्धाश्रम के नाम से प्रसिद्ध था; क्योंकि यहाँ महातपस्वी विष्णु ने सिद्धि प्राप्त की थी। जिस समय वे तपस्या कर रहे थे, उसी समय विरोचनकुमार राजा बलि ने मरुद्गणों सहित इन्द्र आदि समस्त देवताओं को परास्त करके उनका राज्य अपने अधीन कर लिया था। वह तीनों लोकों में विख्यात हो गया था। 4-5॥
‘It was famous by the name of Siddhashram; Because here the great ascetic Vishnu had attained Siddhi. While he was doing penance, at the same time, Virochankumar King Bali defeated Indra and all the gods including the Marudganas and took their kingdom under his control. He had become famous in all three worlds. 4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥