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ramayan 1.29.23: मेरे यज्ञों में विघ्न डालने वाले राक्षस इस आश्रम में आते हैं। हे नरसिंह! तुम्हें उन दुष्टों का यहीं वध करना होगा।॥23॥   |   ramayan सर्ग 1.29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.29.23 
एनमाश्रममायान्ति राक्षसा विघ्नकारिण:।
अत्र ते पुरुषव्याघ्र हन्तव्या दुष्टचारिण:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
मेरे यज्ञों में विघ्न डालने वाले राक्षस इस आश्रम में आते हैं। हे नरसिंह! तुम्हें उन दुष्टों का यहीं वध करना होगा।॥23॥
 
'The demons who create obstacles in my sacrifices come to this hermitage. O lion of men! You have to kill those wicked ones here.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)