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ramayan 1.29.17: हे असुरसूदन! आप इन्द्र के छोटे भाई हैं और कृपया इन शोक से पीड़ित देवताओं की सहायता कीजिए॥17॥   |   ramayan सर्ग 1.29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.29.17 
भ्राता भव यवीयांस्त्वं शक्रस्यासुरसूदन।
शोकार्तानां तु देवानां साहाय्यं कर्तुमर्हसि॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे असुरसूदन! आप इन्द्र के छोटे भाई हैं और कृपया इन शोक से पीड़ित देवताओं की सहायता कीजिए॥17॥
 
"O Asurasudan! You are the younger brother of Indra and please help these gods who are afflicted with grief.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)