| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 26: श्रीराम द्वारा ताटका का वध » श्लोक 16 |
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| | | | श्लोक 1.26.16  | ततो मायां समास्थाय शिलावर्षेण राघवौ।
अवाकिरत् सुमहता ततश्चुक्रोध राघव:॥ १६॥ | | | | | | अनुवाद | | फिर माया का आश्रय लेकर वह दोनों भाइयों पर पत्थर बरसाने लगी। यह देखकर रघुनाथजी उस पर क्रोधित हो गए॥16॥ | | | | Then taking recourse to Maya, she started raining stones on both the brothers. Seeing this, Raghunath ji became angry with her.॥ 16॥ | | ✨ ai-generated | | |
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