श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम द्वारा ताटका का वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.26.15 
उद्धुन्वाना रजो घोरं ताटका राघवावुभौ।
रजोमेघेन महता मुहूर्तं सा व्यमोहयत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब तत्‍पश्‍चात् तत्‍काणे ने उन दोनों रघुवंशी वीरों पर भयंकर धूल फेंकनी आरम्‍भ की। धूल का एक विशाल बादल उस स्‍थान पर छा गया। उस धूल से उसने श्री राम और लक्ष्‍मण को दो घड़ी तक समाधि में डाल दिया॥15॥
 
Then Tatakaane started throwing terrible dust on those two Raghuvanshi heroes. A huge cloud of dust covered the place. With that dust he put Shri Ram and Lakshman in a trance for two hours.॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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