श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम के पूछने पर विश्वामित्रजी का ताटका की उत्पत्ति, विवाह एवं शाप आदि का प्रसंग सुना ताटका-वध के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.25.9 
कस्यचित्त्वथ कालस्य यक्षी पुत्रं व्यजायत।
मारीचं नाम दुर्धर्षं य: शापाद् राक्षसोऽभवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'कुछ समय पश्चात् उस यक्षी तत्कने ने मारीच नामक एक महाबली पुत्र को जन्म दिया, जो अगस्त्य ऋषि के शाप से राक्षस हो गया। 9॥
 
'After some time, that Yakshi Tatkane gave birth to a formidable son named Marich, who became a demon due to the curse of sage Agastya. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)