अल्पवीर्या यदा यक्षी श्रूयते मुनिपुंगव।
कथं नागसहस्रस्य धारयत्यबला बलम्॥ २॥
अनुवाद
हे महर्षि! जब उस यक्षिणी को अबला स्त्री माना गया है, तो उसका बल तो बहुत ही अल्प होगा; फिर उसमें हजार हाथियों का बल कैसे हो सकता है?॥2॥
‘O great sage! When that Yakshini is considered a helpless woman, then her strength must be very less; then how does she possess the strength of a thousand elephants?’॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥