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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय
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श्लोक 6-7h
श्लोक
1.24.6-7h
अथ राम: सरिन्मध्ये पप्रच्छ मुनिपुंगवम्॥ ६॥
वारिणो भिद्यमानस्य किमयं तुमुलो ध्वनि:।
अनुवाद
तब भगवान राम ने नदी के बीच में ऋषि विश्वामित्र से पूछा, 'यहाँ जल के मिलने से ऐसा कोलाहल क्यों हो रहा है?'॥6 1/2॥
Then Lord Rama asked the sage Visvamitra in the middle of the river, 'Why is there such a tumultuous sound due to the mixing of water here?'॥ 6 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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