श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.24.4 
विश्वामित्रस्तथेत्युक्त्वा तानृषीन् प्रतिपूज्य च।
ततार सहितस्ताभ्यां सरितं सागरंगमाम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
विश्वामित्र ने 'बहुत अच्छा' कहकर महर्षियों की स्तुति की और फिर वे भगवान राम और लक्ष्मण के साथ समुद्र में बहने वाली गंगा नदी को पार करने लगे।
 
Vishwamitra praised the great sages by saying 'very good' and then he along with Lord Rama and Lakshmana started to cross the sea-going river Ganga.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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