| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय » श्लोक 26-27 |
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| | | | श्लोक 1.24.26-27  | ताटका नाम भद्रं ते भार्या सुन्दस्य धीमत:॥ २६॥
मारीचो राक्षस: पुत्रो यस्या: शक्रपराक्रम:।
वृत्तबाहुर्महाशीर्षो विपुलास्यतनुर्महान्॥ २७॥ | | | | | | अनुवाद | | 'उसका नाम ताड़का है। वह बुद्धिमान दैत्य सुन्द की पत्नी है। तुम्हारा कल्याण हो। इंद्र के समान पराक्रमी मारीच नामक दैत्य ताड़का का पुत्र है। उसकी भुजाएँ गोल हैं, उसका सिर बहुत बड़ा है, उसका मुख खुला हुआ है और उसका शरीर विशाल है।॥26-27॥ | | | | ‘Her name is Tataka. She is the wife of the wise demon Sunda. May you be blessed. The demon Maricha, who is as powerful as Indra, is the son of Tataka. His arms are round, his head is very large, his mouth is wide open and his body is huge.॥26-27॥ | | ✨ ai-generated | | |
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