श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.24.2 
ते च सर्वे महात्मानो मुनय: संशितव्रता:।
उपस्थाप्य शुभां नावं विश्वामित्रमथाब्रुवन्॥ २॥
 
 
अनुवाद
उस समय पवित्र आश्रम के निवासी और उत्तम व्रतों का पालन करने वाले महामुनियों ने एक सुन्दर नाव मँगवाई और विश्वामित्र से कहा -॥2॥
 
At that time, the great sages who were residents of the holy ashram and who were observing the best fasts, called for a beautiful boat and said to Visvamitra -॥ 2॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd