श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  1.24.17-18h 
एतौ जनपदौ स्फीतौ पूर्वमास्तां नरोत्तम॥ १७॥
मलदाश्च करूषाश्च देवनिर्माणनिर्मितौ।
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! पूर्वकाल में यहाँ दो समृद्ध जनपद थे - मलाड और करुष। ये दोनों देश देवताओं के प्रयत्न से उत्पन्न हुए थे॥17 1/2॥
 
‘O best of men! In the olden days there were two prosperous districts here- Malad and Karush. These two countries were created by the efforts of the gods.॥ 17 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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