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ramayan 1.22.3: तत्पश्चात् राजा दशरथ ने अपने पुत्र का सिर सूँघकर बड़ी प्रसन्नता के साथ उसे विश्वामित्र को सौंप दिया॥3॥   |   ramayan सर्ग 1.22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.22.3 
स पुत्रं मूर्ध्न्युपाघ्राय राजा दशरथस्तदा।
ददौ कुशिकपुत्राय सुप्रीतेनान्तरात्मना॥ ३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा दशरथ ने अपने पुत्र का सिर सूँघकर बड़ी प्रसन्नता के साथ उसे विश्वामित्र को सौंप दिया॥3॥
 
Thereafter, King Dashrath smelled the head of his son and handed him over to Vishwamitra with great joy. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)