Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.22.14: ‘जब तुम सो रहे होगे या प्रमाद की अवस्था में होगे, तब भी राक्षस तुम पर आक्रमण नहीं कर सकेंगे। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसा नहीं होगा जो शारीरिक बल में तुम्हारी बराबरी कर सके।॥14॥ | ramayan सर्ग 1.22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न च सुप्तं प्रमत्तं वा धर्षयिष्यन्ति नैर्ऋता:।
न बाह्वो: सदृशो वीर्ये पृथिव्यामस्ति कश्चन॥ १४॥
अनुवाद
‘जब तुम सो रहे होगे या प्रमाद की अवस्था में होगे, तब भी राक्षस तुम पर आक्रमण नहीं कर सकेंगे। इस पृथ्वी पर कोई भी ऐसा नहीं होगा जो शारीरिक बल में तुम्हारी बराबरी कर सके।॥14॥
‘Even when you are asleep or in a state of carelessness, demons will not be able to attack you. There will be no one on this earth who can match you in physical strength.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥