| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना » श्लोक 9 |
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| | | | श्लोक 1.21.9  | कृतास्त्रमकृतास्त्रं वा नैनं शक्ष्यन्ति राक्षसा:।
गुप्तं कुशिकपुत्रेण ज्वलनेनामृतं यथा॥ ९॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘चाहे वे अस्त्र-शस्त्र विद्या जानते हों या नहीं, राक्षस उनका सामना नहीं कर सकते। जैसे प्रज्वलित अग्नि द्वारा सुरक्षित अमृत को कोई छू नहीं सकता, वैसे ही ये राक्षस कुशिकनंदन विश्वामित्र द्वारा सुरक्षित श्री राम को हानि नहीं पहुँचा सकते।॥9॥ | | | | ‘Whether they know the art of weapons or not, demons cannot face them. Just as no one can touch the nectar protected by a blazing fire, similarly, these demons cannot harm Shri Ram who is protected by Kushikanandana Vishwamitra.॥ 9॥ | | ✨ ai-generated | | |
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