| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना » श्लोक 8 |
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| | | | श्लोक 1.21.8  | प्रतिश्रुत्य करिष्येति उक्तं वाक्यमकुर्वत:।
इष्टापूर्तवधो भूयात् तस्माद् रामं विसर्जय॥ ८॥ | | | | | | अनुवाद | | यदि कोई व्यक्ति 'मैं अमुक कार्य करूँगा' की प्रतिज्ञा करके उसे पूरा नहीं करता, तो उसके यज्ञ, यज्ञ आदि का पुण्य तथा कुआँ, तालाब आदि बनवाने जैसे शुभ कर्म नष्ट हो जाते हैं। अतः आप कृपा करके श्री राम को विश्वामित्र के साथ भेज दें। | | | | If a person makes a promise 'I will do a certain thing' and then does not keep his word, then the merits of his yajnas, sacrifices, etc. and good deeds like building wells and ponds, etc., are destroyed. Therefore, please send Sri Rama with Visvamitra. | | ✨ ai-generated | | |
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