श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.21.14 
तेऽपि पुत्रा: कृशाश्वस्य प्रजापतिसुतासुता:।
नैकरूपा महावीर्या दीप्तिमन्तो जयावहा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे कृशाश्व के पुत्र प्रजापति दक्ष की दो पुत्रियों की संतान हैं। उनके अनेक रूप हैं। वे सभी अत्यन्त बलवान, तेजस्वी और विजय प्रदान करने वाले हैं॥14॥
 
‘Those sons of Krishasva are the children of the two daughters of Prajapati Daksha. They have many forms. All of them are very powerful, radiant and bring victory.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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