श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  1.21.1 
तच्छ्रुत्वा वचनं तस्य स्नेहपर्याकुलाक्षरम्।
समन्यु: कौशिको वाक्यं प्रत्युवाच महीपतिम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
राजा दशरथ के वचनों का एक-एक शब्द पुत्र के प्रति स्नेह से भरा हुआ था। यह सुनकर महर्षि विश्वामित्र क्रोधित होकर उनसे इस प्रकार बोले-॥1॥
 
Every word of King Dasharatha's words was filled with affection for his son. On hearing this, Maharishi Visvamitra became angry and spoke to him thus -॥ 1॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd