श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 20: राजा दशरथ का विश्वामित्र को अपना पुत्र देने से इनकार करना और विश्वामित्र का कुपित होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.20.22 
देवदानवगन्धर्वा यक्षा: पतगपन्नगा:।
न शक्ता रावणं सोढुं किं पुनर्मानवा युधि॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'देवता, दानव, गन्धर्व, यक्ष, गरुड़ और नाग भी युद्ध में रावण के वेग का सामना नहीं कर सकते; फिर मनुष्य तो क्या कहेंगे?॥ 22॥
 
'Even the gods, demons, Gandharvas, Yakshas, ​​Garudas and serpents cannot withstand the ferocity of Ravana in a war; then what about humans?॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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