श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 19: विश्वामित्र के मुख से श्रीराम को साथ ले जाने की माँग सुनकर राजा दशरथ का दुःखित एवं मूर्च्छित होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.19.7 
न च मे क्रोधमुत्स्रष्टुं बुद्धिर्भवति पार्थिव॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'हे पृथ्वी के स्वामी! मैं उन पर अपना क्रोध उतारूँ और उन्हें शाप दूँ, ऐसा विचार मेरे मन में नहीं आता।
 
'Lord of the Earth! I should vent my anger on them and curse them, such a thought does not come to my mind.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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