श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 16: श्रीहरि से रावणवध के लिये प्रार्थना, पुत्रेष्टि यज्ञ में प्राजापत्य पुरुष का प्रकट हो खीर अर्पण करना और रानियों का गर्भवती होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.16.10 
स कृत्वा निश्चयं विष्णुरामन्त्र्य च पितामहम्।
अन्तर्धानं गतो देवै: पूज्यमानो महर्षिभि:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु ने पितामह को पिता बनाने का निश्चय करके उनकी अनुमति ली और देवताओं तथा ऋषियों द्वारा पूजित होकर वहाँ से अन्तर्धान हो गए॥10॥
 
Having decided to make him his father, Lord Vishnu took the permission of the grandfather and after being worshipped by the gods and sages, disappeared from there. ॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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