स कृत्वा निश्चयं विष्णुरामन्त्र्य च पितामहम्।
अन्तर्धानं गतो देवै: पूज्यमानो महर्षिभि:॥ १०॥
अनुवाद
भगवान विष्णु ने पितामह को पिता बनाने का निश्चय करके उनकी अनुमति ली और देवताओं तथा ऋषियों द्वारा पूजित होकर वहाँ से अन्तर्धान हो गए॥10॥
Having decided to make him his father, Lord Vishnu took the permission of the grandfather and after being worshipped by the gods and sages, disappeared from there. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥