vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य
»
सर्ग 5: रामायण के नवाह श्रवण की विधि, महिमा तथा फल का वर्णन
»
श्लोक 56-57h
श्लोक
0.5.56-57h
रामायणवाचकाय गावो वासांसि काञ्चनम्॥ ५६॥
रामायणपुस्तकं च दद्याद् वित्तानुसारत:।
अनुवाद
रामायण के पाठक को उसकी धन-संपत्ति के अनुसार गौ, वस्त्र, स्वर्ण और रामायण की पुस्तक आदि वस्तुएँ देनी चाहिए। 56 1/2॥
The reader of Ramayana should be given things like cow, clothes, gold and book of Ramayana according to his wealth. 56 1/2 ॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd