vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य
»
सर्ग 5: रामायण के नवाह श्रवण की विधि, महिमा तथा फल का वर्णन
»
श्लोक 3
श्लोक
0.5.3
एतच्चापि महाभाग मुने तत्त्वार्थकोविद।
कृपया परयाविष्टो यथावद् वक्तुमर्हसि॥ ३॥
अनुवाद
महाभाग मुने! आप तत्त्वार्थज्ञान में कुशल हैं; अतः कृपा करके इस विषय को विस्तारपूर्वक कहिए।
Mahabhag Mune! You are skilled in Tattvartha-knowledge; Therefore, very kindly tell this matter in detail.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd