श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य  »  सर्ग 3: माघमास में रामायण-श्रवण का फल - राजा सुमति और सत्यवती के पूर्व जन्म का इतिहास  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  0.3.19 
तत्र वृद्धिं गमिष्यन्ति श्रेयांस्यनुदिनं मुने।
यत्र सन्त: प्रकुर्वन्ति महतीं करुणां प्रभो॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मुनि! हे प्रभु! जहाँ भी संत-महात्मा कृपा करते हैं, वहाँ कल्याण के साधन दिन-प्रतिदिन बढ़ते जाते हैं ॥19॥
 
Muni! O Lord! Wherever saints and great souls shower their blessings, there the means of welfare increase day by day. ॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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