Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 0.2.37-38h: गौतम बोले - बेटा! कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में तुम भक्ति और आदरपूर्वक रामायण की अमृतमयी कथा का श्रवण करो। यह कथा नौ दिनों में सुननी चाहिए। ऐसा करने से यह श्राप अधिक समय तक नहीं रहेगा। यह केवल बारह वर्षों तक ही रहेगा। 37 1/2॥ | ramayan सर्ग 0.2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार । ramayan काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गौतम बोले - बेटा! कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में तुम भक्ति और आदरपूर्वक रामायण की अमृतमयी कथा का श्रवण करो। यह कथा नौ दिनों में सुननी चाहिए। ऐसा करने से यह श्राप अधिक समय तक नहीं रहेगा। यह केवल बारह वर्षों तक ही रहेगा। 37 1/2॥
Gautama said - Son! In the Shukla Paksha of Kartik month, you should listen to the nectar-like story of Ramayana with devotion and respect. This story should be heard in nine days. By doing so, this curse will not last for long. It will last only for twelve years. 37 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥