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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य
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सर्ग 2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार
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श्लोक 19-20h
श्लोक
0.2.19-20h
एवमादीन्यनेकानि चरितानि महात्मन:॥ १९॥
तेषां नामानि संख्यातुं शक्यन्ते नाब्दकोटिभि:।
अनुवाद
भगवान श्री राम में ऐसे इतने लक्षण हैं कि उनके नाम लाखों वर्षों में भी नहीं गिने जा सकते ॥19 1/2॥
Lord Shri Ram has so many such characteristics that their names cannot be counted even in millions of years. ॥19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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