Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 0.2.13: सनत्कुमार बोले - हे महामुनि नारद! आप समस्त ऋषियों में परम ज्ञानी हैं। आप सदैव श्री हरि की भक्ति में तत्पर रहते हैं, अतः आपसे श्रेष्ठ कोई नहीं है॥13॥ | ramayan सर्ग 0.2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार । ramayan काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सनत्कुमार बोले - हे महामुनि नारद! आप समस्त ऋषियों में परम ज्ञानी हैं। आप सदैव श्री हरि की भक्ति में तत्पर रहते हैं, अतः आपसे श्रेष्ठ कोई नहीं है॥13॥
Sanatkumara said - O great sage Narada! You are the most knowledgeable among all the sages. You are always devoted to the devotion of Shri Hari, hence there is no one better than you. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥