| श्री रामचरितमानस » काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड » दोहा 8 |
|
| | | | काण्ड 4 - दोहा 8  | बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ हारा भय मानि।
मारा बालि राम तब हृदय माझ सर तानि॥8॥ | | | | अनुवाद | | | | सुग्रीव ने बहुत से छल और बल का प्रयोग किया, परन्तु (अन्त में) वह डर गया और उसका साहस टूट गया। तब श्री रामजी ने निशाना साधकर बाण बालि के हृदय में मारा। | | | | Sugreeva used many tricks and force, but (in the end) he got scared and lost his heart. Then Shri Ramji aimed an arrow and shot it into Bali's heart. | |
| | ✨ ai-generated | | |
|
|