| श्री रामचरितमानस » काण्ड 3: अरण्य काण्ड » दोहा 8 |
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| | | | काण्ड 3 - दोहा 8  | सीता अनुज समेत प्रभु नील जलद तनु स्याम।
मम हियँ बसहु निरंतर सगुनरूप श्री राम॥8॥ | | | | अनुवाद | | | | हे नीले बादल के समान श्याम शरीर वाले, सगुण रूपधारी श्री राम जी! प्रभु (आप) सीता जी और छोटे भाई लक्ष्मण जी सहित मेरे हृदय में सदैव निवास करें। | | | | Oh Shri Ram Ji, who has a dark body like a blue cloud, in His Saguna form! Lord (you) along with Sita Ji and younger brother Lakshman Ji, always reside in my heart. | |
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