श्री रामचरितमानस  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  दोहा 76
 
 
काण्ड 1 - दोहा 76 
अब बिनती मम सुनहु सिव जौं मो पर निज नेहु।
जाइ बिबाहहु सैलजहि यह मोहि मागें देहु॥76॥
 
अनुवाद
 
 (तब उन्होंने शिवजी से कहा-) हे शिव! यदि आप मुझ पर स्नेह रखते हैं, तो मेरी विनती सुनिए। मुझे यह वर दीजिए कि आप जाकर पार्वती से विवाह करें।
 
(Then he said to Shiva-) O Shiva! If you have affection for me, then listen to my request. Give me this demand that you go and marry Parvati.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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