श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  9.7.44-45h 
ते च सर्वे महेष्वासा: पञ्चाला: पाण्डवास्तथा॥ ४४॥
कर्णस्य निधने हृष्टा: सुषुपुस्तां निशां तदा।
 
 
अनुवाद
वे सभी महाधनुर्धर पांचाल और पाण्डव योद्धा कर्ण को मारकर हर्षित हो उठे और उस रात सुखपूर्वक सो गए ॥44 1/2॥
 
All those great archers, the Panchalas and the Pandava warriors, were filled with joy at having killed Karna and slept peacefully that night. ॥ 44 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)