ते च सर्वे महेष्वासा: पञ्चाला: पाण्डवास्तथा॥ ४४॥
कर्णस्य निधने हृष्टा: सुषुपुस्तां निशां तदा।
अनुवाद
वे सभी महाधनुर्धर पांचाल और पाण्डव योद्धा कर्ण को मारकर हर्षित हो उठे और उस रात सुखपूर्वक सो गए ॥44 1/2॥
All those great archers, the Panchalas and the Pandava warriors, were filled with joy at having killed Karna and slept peacefully that night. ॥ 44 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥